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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

नए साल में सेनाओं काे मिल जाएगा पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ


करीब दो दशक तक चली कवायद के बाद सैन्य बलाें काे जल्द ही पहले चीफ ऑफ डिफेंस के रूप में एकछत्र सैन्य नेतृत्व मिलने जा रहा है। नए साल में पहले सीडीएस की नियुक्ति की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। पहले सीडीएस का नाम 31 दिसंबर से पहले घोषित किया जा सकता है। माैजूदा सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत देश के पहले सीडीएस बनाए जा सकते हैं। सेना प्रमुख का उनका कार्यकाल 31 दिसंबर काे पूरा हाे रहा है। जनरल रावत इस समय तीनों सैन्य प्रमुखों की समिति के अध्यक्ष भी हैं। 



आम तौर से यह जिम्मेदारी संभाल रहे प्रमुख को यह दायित्व नए वरिष्ठतम सैन्य प्रमुख को सौंपना हाेता है। यह रस्म रिटायरमेंट से दो-तीन दिन पहले साउथ ब्लाक के वार रूम में की जाती है। रक्षा मंत्रालय के सूत्राें के अनुसार, माना जा रहा है कि जनरल रावत ही पहले सीडीएस बनाए जाने वाले हैं। इसके कारण भी हैं। अगर उनकी इस पद पर नियुक्ति की घोषणा नहीं की जाती है तो 28 से लेकर 30 दिसंबर के बीच वह चेयरमैन चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी का जिम्मा नए वरिष्ठतम जनरल को सौंपेंगे, जो उनके बाद नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह हैं। जनरल रावत के रिटायरमेंट से सीडीएस पद के लिए दौड़ एकदम खुली हो जाएगी और फिर कई संभावित नाम इस रेस में जुड़े जाएंगे। 


यह हाेगा पदक्रम और उत्तरदायित्व
समझा जाता है कि सीडीएस का पद तीनों सैन्य प्रमुखों से ऊपर और कैबिनेट सचिव के बीच का होगा। यह सरकारी पदों के क्रम में 11-ए पर आता है। रक्षा सेनाओं के प्रमुख का पदक्रम 13 है। रक्षा सचिव भी इसी रैंक में अाते हैं। उनसे ऊपर का क्रम होने पर ही सीडीएस सीधे पीएमओ को रिपोर्ट करेंगे और सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट की कमेटी में वह सैन्य बलों की ओर से सिंगल विंडो से सलाह देंगे। हालांकि सेनाओं का ऑपरेशनल दायित्व उनके प्रमुखों के पास ही रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल लालकिले से रक्षा सेनाओं के लिए चीफ ऑफ डिफेंस का पद बनाए जाने की औपचारिक घोषणा की थी।


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