होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
यूपी में 11 सीटों पर हुए उपचुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़े बदलाव की घोषणा कर दी। उन्होंने कोऑर्डिनेटर, मंडल व जोन व्यवस्था भंग कर सेक्टर व्यवस्था लागू करने का एलान कर दिया।
बसपा यूपी को चार सेक्टर में विभाजित कर कार्य करेगी और सेक्टर व बूथ कमेटियों को मजबूत बनाने पर ध्यान देगी। मायावती ने कार्यकर्ताओं से 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्रवान किया है। उन्होंने उपचुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन पर रिपोर्ट तलब की है। मायावती ने दानिश अली को लोकसभा संसदीय दल का नेता घोषित किया है।
बता दें कि प्रदेश में हाल ही में हुए 11 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में बसपा को एक भी सीट हासिल नहीं हुई। ऐसे में पार्टी का जनाधार लगातार कम होने की बात कही जा रही हैं।
वहीं, मायावती ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सपा व भाजपा ने एक साजिश के तहत यूपी के उपचुनाव में बसपा को हराया है लेकिन बसपा कभी भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं करेगी।
बता दें कि प्रदेश में हाल ही में हुए 11 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में बसपा को एक भी सीट हासिल नहीं हुई। ऐसे में पार्टी का जनाधार लगातार कम होने की बात कही जा रही हैं।
वहीं, मायावती ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सपा व भाजपा ने एक साजिश के तहत यूपी के उपचुनाव में बसपा को हराया है लेकिन बसपा कभी भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं करेगी।
कुछ ऐसा होगा बसपा का नया पुनर्गठित सांगठनिक ढांचा
सेक्टर वन- लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर व मेरठ मंडल
टीम वन- गिरीश चंद जाटव, कमल सिंह, शमसुद्दीन रानी व राजकुमार गौतम।
टीम टू- राम जी गौतम, भीमराव अंबेडकर व रामकुमार कुरील।
सेक्टर दो - आगरा, अलीगढ़, कानपुर, चित्रकूट व झांसी मंडल
टीम वन- धरमवीर, अशोक, आर एस कुशवाहा व लालाराम अहिरवार।
टीम टू- नौशाद अली, चिंतामणि व जितेंद्र संखवार।
सेक्टर तीन- इलाहाबाद, मिर्जापुर, अयोध्या व देवीपाटन मंडल।
टीम वन- अशोक सिद्धार्थ, अशोक गौतम व जितेंद्र पाल।
टीम टू- दिनेश चंद्र लाल व बहादुर रत्नाकर।
सेक्टर चार- वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर व बस्ती मंडल।
टीम वन- मुनकाद अली, सुधीर कुमार भारती व इंदल राम।
टीम टू- घनश्याम खरवार, डॉक्टर मदन राम व राम चंद्र गौतम।
टीम वन- गिरीश चंद जाटव, कमल सिंह, शमसुद्दीन रानी व राजकुमार गौतम।
टीम टू- राम जी गौतम, भीमराव अंबेडकर व रामकुमार कुरील।
सेक्टर दो - आगरा, अलीगढ़, कानपुर, चित्रकूट व झांसी मंडल
टीम वन- धरमवीर, अशोक, आर एस कुशवाहा व लालाराम अहिरवार।
टीम टू- नौशाद अली, चिंतामणि व जितेंद्र संखवार।
सेक्टर तीन- इलाहाबाद, मिर्जापुर, अयोध्या व देवीपाटन मंडल।
टीम वन- अशोक सिद्धार्थ, अशोक गौतम व जितेंद्र पाल।
टीम टू- दिनेश चंद्र लाल व बहादुर रत्नाकर।
सेक्टर चार- वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर व बस्ती मंडल।
टीम वन- मुनकाद अली, सुधीर कुमार भारती व इंदल राम।
टीम टू- घनश्याम खरवार, डॉक्टर मदन राम व राम चंद्र गौतम।
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लागू की ये व्यवस्था, इन नेताओं को दी जिम्मेदारी
2022 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए बसपा ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत विधानसभा प्रभारी बनाए जाएंगे। हर जिले में तीन प्रभारी होंगे। जिनका मुख्य काम विधानसभा चुनाव की तैयारियां कराना और सर्वसमाज को पार्टी से जोड़ना होगा।
बामसेफ को पार्टी के लिहाज से अधिक सक्रिय करने के लिए वर्तमान में सभी पदों की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। नई व्यवस्था में जिला संयोजक, विधानसभा संयोजक और सेक्टर संयोजक बनाए जाएंगे। इन पदों पर ऐसे लोगों को रखा जाएगा जो कार्यालय का खर्च निकाल सके।
मायावती ने 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर
सुरक्षित सीटों पर पार्टी की सफलता तय करने के लिए अपर कास्ट व पिछड़े वर्ग के जिम्मेदार नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इस के तहत पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा, सांसद श्याम सिंह यादव, बसपा विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा, विधायक उमाशंकर सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर और पूर्व मंत्री गया चरण दिनकर को जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी नेता अपने समाज में पैठ बढाकर सुरक्षित सीटों के प्रत्याशियों कि सफलता सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।
बामसेफ को पार्टी के लिहाज से अधिक सक्रिय करने के लिए वर्तमान में सभी पदों की व्यवस्था खत्म कर दी गई है। नई व्यवस्था में जिला संयोजक, विधानसभा संयोजक और सेक्टर संयोजक बनाए जाएंगे। इन पदों पर ऐसे लोगों को रखा जाएगा जो कार्यालय का खर्च निकाल सके।
मायावती ने 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर
सुरक्षित सीटों पर पार्टी की सफलता तय करने के लिए अपर कास्ट व पिछड़े वर्ग के जिम्मेदार नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इस के तहत पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा, सांसद श्याम सिंह यादव, बसपा विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा, विधायक उमाशंकर सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर और पूर्व मंत्री गया चरण दिनकर को जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी नेता अपने समाज में पैठ बढाकर सुरक्षित सीटों के प्रत्याशियों कि सफलता सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।
Comments
Post a Comment