होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
महाराष्ट्र में चल रही सियासी नौटंकी में घोड़ा बाजार (हॉर्स ट्रेडिंग) की आशंका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार अपना 'चाबुक' चलाया। कोर्ट ने फैसले में कहा कि 27 नवंबर की शाम पांच बजे तक बहुमत परीक्षण कराना होगा। साथ ही कहा कि इस दौरान कोई 'गुप्त मतदान' नहीं होगा।
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल को निर्देश दिया कि वह 27 नवंबर को राज्य विधानसभा में शक्ति परीक्षण सुनिश्चित करें। अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बुधवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा।
अदालत ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को निर्देश दिया कि वह यह भी सुनिश्चित करें कि सदन के सभी निर्वाचित सदस्य बुधवार को ही शपथ ग्रहण करें। अदालत ने कहा कि समूची प्रक्रिया पांच बजे तक पूरी हो जानी चाहिए।
न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान गुप्त मतदान नहीं हो और विधानसभा की पूरी कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाए। राज्यपाल राज्य विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष को भी नियुक्त करेंगे जो नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलवाएंगे।
क्या है मतदान प्रक्रिया
फ्लोर टेस्ट या शक्ति परीक्षण, विधानसभा में बहुमत साबित करने की प्रक्रिया है। इसमें विधायक स्पीकर या प्रोटेम स्पीकर के सामने अपनी पार्टी के लिए वोट करते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से खुली और राज्यपाल के स्वविवेक से लिए निर्णय के बाद सरकार बनाने वाली राजनीतिक पार्टी के लिए पूरी तरह से पारदर्शी होती है।
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उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल को निर्देश दिया कि वह 27 नवंबर को राज्य विधानसभा में शक्ति परीक्षण सुनिश्चित करें। अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बुधवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा।
अदालत ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को निर्देश दिया कि वह यह भी सुनिश्चित करें कि सदन के सभी निर्वाचित सदस्य बुधवार को ही शपथ ग्रहण करें। अदालत ने कहा कि समूची प्रक्रिया पांच बजे तक पूरी हो जानी चाहिए।
न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान गुप्त मतदान नहीं हो और विधानसभा की पूरी कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाए। राज्यपाल राज्य विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष को भी नियुक्त करेंगे जो नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलवाएंगे।
क्या है मतदान प्रक्रिया
फ्लोर टेस्ट या शक्ति परीक्षण, विधानसभा में बहुमत साबित करने की प्रक्रिया है। इसमें विधायक स्पीकर या प्रोटेम स्पीकर के सामने अपनी पार्टी के लिए वोट करते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से खुली और राज्यपाल के स्वविवेक से लिए निर्णय के बाद सरकार बनाने वाली राजनीतिक पार्टी के लिए पूरी तरह से पारदर्शी होती है।
महाराष्ट्र में चल रही सियासी नौटंकी में घोड़ा बाजार (हॉर्स ट्रेडिंग) की आशंका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार अपना 'चाबुक' चलाया। कोर्ट ने फैसले में कहा कि 27 नवंबर की शाम पांच बजे तक बहुमत परीक्षण कराना होगा। साथ ही कहा कि इस दौरान कोई 'गुप्त मतदान' नहीं होगा।
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल को निर्देश दिया कि वह 27 नवंबर को राज्य विधानसभा में शक्ति परीक्षण सुनिश्चित करें। अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बुधवार को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा।
अदालत ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को निर्देश दिया कि वह यह भी सुनिश्चित करें कि सदन के सभी निर्वाचित सदस्य बुधवार को ही शपथ ग्रहण करें। अदालत ने कहा कि समूची प्रक्रिया पांच बजे तक पूरी हो जानी चाहिए।
न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान गुप्त मतदान नहीं हो और विधानसभा की पूरी कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाए। राज्यपाल राज्य विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष को भी नियुक्त करेंगे जो नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलवाएंगे।
क्या है मतदान प्रक्रिया
फ्लोर टेस्ट या शक्ति परीक्षण, विधानसभा में बहुमत साबित करने की प्रक्रिया है। इसमें विधायक स्पीकर या प्रोटेम स्पीकर के सामने अपनी पार्टी के लिए वोट करते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से खुली और राज्यपाल के स्वविवेक से लिए निर्णय के बाद सरकार बनाने वाली राजनीतिक पार्टी के लिए पूरी तरह से पारदर्शी होती है।
एक से अधिक दलों का दावा हो तो...
यदि एक से ज्यादा राजनीतिक दल सरकार बनाने का दावा करते हैं लेकिन बहुमत स्पष्ट न हो तो ऐसी स्थिति में राज्यपाल किसी एक दल को बहुमत साबित करने को कहता है। तब सदन में विशेष सत्र बुलाया जाता है, इसमें सभी विधायकों को आमंत्रित किया जाता है। हालांकि विधायकों का आना जरूरी नहीं है, परंतु उस सदस्य की पार्टी की ओर से विह्प जारी होने पर आना जरूरी होता है वरना कार्रवाई हो सकती है।
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