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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

किसी घोषणा के बिना ट्रंप पहुंचे अफगानिस्तान, बोले- तालिबान के साथ वार्ता फिर से


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने थैंक्सगिविंग के मौके पर अचानक अफगानिस्तान पहुंचकर तालिबान के साथ एक बार फिर शांति वार्ता शुरू करने का ऐलान किया, लेकिन अपने सैनिकों को वहां से वापस बुलाने की कोई समयसीमा देने से मना कर दिया।


 

बगराम एयर फील्ड में गुरुवार को पत्रकारों के तालिबान से दोबारा बातचीत शुरू करने के सवाल पर कहा ट्रंप ने कहा- हां। राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने पिछले छह महीने में काफी प्रगति की है और उसके साथ ही अपने सैनिक भी वापस बुला रहा है।

उन्होंने कहा कि तालिबान समझौता करना चाहता है और हम उनसे मिलने वाले हैं। जब हम संघर्ष विराम चाहते थे, वे संघर्ष विराम नहीं चाहते थे और अब वे संघर्ष विराम चाहते हैं। मुझे लगता है कि ऐसे यह सफल हो पाएगा।

अफगानिस्तान में अमेरिका के सबसे बड़े हवाई क्षेत्र में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ जल्दबाजी में आयोजित द्विपक्षीय बैठक के दौरान उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हम तब तक वहां रहेंगे जब तक की कोई समझौता नहीं हो जाता या हमारी पूरी तरह जीत नहीं हो जाती और वे समझौता करने को उत्सुक हैं।

ट्रंप ने इस बात की पुष्टि की कि वह अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की संख्या घटाकर 8,600 करना चाहते हैं। अभी वहां 14000 अमेरिकी सैनिक हैं, हालांकि सैन्य अधिकारियों ने इस आंकड़े की पुष्टि नहीं की है।
 


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