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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

फ़ेसबुक और गूगल मानवाधिकार को एमनेस्टी ने बताया मानवाधिकार के लिए ख़तरा


मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने गूगल और फ़ेसबुक के बिज़नेस मॉडल को मानवधिकारों के लिए ख़तरा बताया है.


एमनेस्टी ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें इन टेक कंपनियों द्वारा की जाने वाली 'व्यापक निगरानी' को लेकर चिंता जताई गई है. मानवाधिकार संगठन ने दावा किया है कि इनके प्लेटफ़ॉर्म बड़े पैमाने पर 'मानवाधिकारों को नुक़सान पहुंचाने वाले हालात पैदा कर रहे हैं.'


फ़ेसबुक ने इस रिपोर्ट से असहमति जताई है. कंपनी का कहना है कि वह मानविधाकारों को सशक्त कर रही है. वहीं गूगल का कहना है कि उसे लोगों के भरोसे की कद्र है और यूज़र्स के डेटा की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी का भी अहसास है.


रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल पूरी दुनिया में 90 फ़ीसदी से अधिक इस्तेमाल होने वाला सर्ज इंजन है और दुनिया की एक-तिहाई आबादी हर रोज़ फ़ेसबुक इस्तेमाल करती है.


एमनेस्टी के महासचिव कूम नायडू के मुताबिक़, "अरबों लोगों के पास फ़ेसबुक और गूगल की निर्धारित शर्तों वाले इस पब्लिक स्पेस को इस्तेमाल करने के अलावा और कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं है."


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