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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

भारत में मौत का 7वां प्रमुख कारण है डायबिटीज


भारत एक ऐसी बीमारी की चपेट में है जो हमारी खुद की बनाई गई है. प्रदूषण की ही तरह डायबिटीज भी मैन मेड डिजास्टर है. भारत में दर्ज होने वाली मौत के कारणों में 1990 तक डायबिटीज शामिल नहीं था. हालांकि डायबिटीज के मरीज़ तो तब भी भारत में थे लेकिन 2019 आते आते यानी 29 सालों में डायबिटीज भारत में मौत का 7 वां कारण है. भारत में हर साल 10 लाख से ज्यादा लोग डायबिटीज के शिकार होकर मर रहे हैं. भारतीयों की कसरत ना करने की आदत उन्हें डायबिटीज का मरीज़ बना रही है.


हाल ही में आए एक सर्वे के नतीजे बता रहे हैं कि भारत में हर 12 में से एक व्यक्ति डायबिटीज का मरीज़ है. डायबिटीज हार्ट अटैक, किडनी फेल्यर और आंखों की रोशनी जाने की वजह बन सकती है. हालांकि ये ऐसी बीमारी है जिस पर दवा से ज्यादा लाइफस्टाइल और डायट में बदलाव का असर होता है. 


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