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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

असम मे गुटखा और पान मसाला पर लगाया 1 साल का बैन


असम सरकार ने सूबे को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने तंबाकू से बने गुटखा व पान मसाला पर एक साल के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. इसके साथ ही अब असम में तंबाकू से बने गुटखा व पान मसाला के बेचने, स्टोर करने, बांटने और प्रदर्शन करने पर रोक लग गई है.


असम सरकार ने फूड सेफ्टी एंड सिक्युरिटी एक्ट 2006 की धारा 30 की उपधारा 2 (A) का इस्तेमाल करते हुए गुटखा और पान मसाला पर यह बैन लगाया है. असम सरकार के फूड सेफ्टी कमिश्नर डॉ. चंद्रिमा बरुआह ने नोटिस जारी कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (प्रोहिबिशन्स एंड रिस्ट्रिक्शन्स ऑन सेल्स) रेगुलेशन्स 2011 की धारा 2, 3 और 4 के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया है.


असम सरकार ने तंबाकू से बने खाने लोगों की मौत होने के बाद यह कदम उठाया है. सरकार ने गुटखा और पान मसाला को लोगों के जीवन के लिए खतरा बताया है. इससे पहले साल 2013 में असम सरकार ने गुटखा और पान मसाला की पैकजिंग करने और बनाने पर


इससे पहले पश्चिम बंगाल में ने गुटखा और पान मसाला पर बैन एक साल के लिए बढ़ा दिया था. यह फैसला पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने लिया था. गुटखा और पान मसाला पर प्रतिबंध की बढ़ी अवधि 7 नवंबर से लागू हो गई. राज्य सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने 25 अक्टूबर की अधिसूचना के जरिए फैसले का ऐलान किया था.



 


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